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बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट 2026 घोषित- यहाँ देखें अपना स्कोरकार्ड

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बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट 2026 घोषित- यहाँ देखें अपना स्कोरकार्ड   बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 घोषित-- लाखों छात्रों का इंतज़ार खत्म, यहाँ देखें अपना स्कोरकार्ड और टॉपर लिस्ट पटना | 29 मार्च, 2026 बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने आज लाखों छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों की धड़कनें थमा देने वाले पल को विराम दे दिया है। बिहार बोर्ड ने मैट्रिक (Class 10th) का रिजल्ट आधिकारिक तौर पर जारी कर दिया है। दोपहर 1:15 बजे शिक्षा मंत्री और बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नतीजों की घोषणा की। इस बार का रिजल्ट केवल अंकों का खेल नहीं, बल्कि उन लाखों गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के सपनों की उड़ान है, जिन्होंने दिन-रात मेहनत की थी। 1.   कैसा रहा इस साल का परिणाम ? (मुख्य आकर्षण) इस साल बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा में कुल 81.79% छात्र सफल रहे हैं। आंकड़ों से ज्यादा सुखद बात यह है कि इस बार भी बेटियों ने अपनी मेधा का लोहा मनवाया है। कुल परीक्षार्थी-  लगभग 15.12 लाख सफल छात्र-  12,35,000+ लड़कियों का दबदबा-  सफल होने वाली छात्राओं की संख्या 6,34,353 ...

Custodial Death क्या है? BNSS 2023 और BNS 2023 के तहत पूरी कानूनी प्रक्रिया

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  काग़ज़ों में इसे Custodial Death कहा जाता है,लेकिन ज़मीन पर यह एक घर का उजड़ना होता ह जहाँ पुलिस की हिरासत से कोई लाश बनकर लौटता हैऔर पीछे रह जाते हैं सवाल, आँसू और उम्रभर का डर।  हिरासत में मौत सिर्फ़ एक व्यक्ति की नहीं होती,उस दिन एक माँ का सहारा,एक बच्चे का भविष्यऔर एक परिवार का भरोसा भी दम तोड़ देता है।ज़्यादातर मामलों में पीड़ित के पास न पैसा होता है,न पहुँच, न ताक़त  —और यही कमज़ोरी अक्सरहिंसा की सबसे आसान वजह बन जाती है।   पुलिस कस्टडी कानून की सुरक्षा का प्रतीक होनी चाहिए थी,  लेकिन कई बार वही जगहइंसाफ़ से पहले सज़ा का अंधेरा बन जाती है। कस्टोडियल डेथ हमें याद दिलाती है किसवाल सिर्फ़ मौत का नहीं,बल्कि उस सिस्टम का हैजो ज़िंदा इंसान को टूटते हुए भी नहीं देखता। Custodial Death क्या है? BNSS 2023 और BNS 2023 के तहत पूरी कानूनी प्रक्रिया, अधिकार और सज़ा भारत में जब कोई व्यक्ति पुलिस या न्यायिक हिरासत में होता है, तब उसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य (State) की होती है। अगर हिरासत के दौरान किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है, तो कानून इसे सामान्य मृत्यु नहीं ...